डाकू से ऋषि || आचार्य प्रशांत
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Hindi Original Transcription
कहते हैं... कोई ऋषि जा रहे थे जंगल से। उनको लूटने की कोशिश करी—
तो ऋषि बोले: "लूट ले! लेकिन... जिनके लिए लूट रहा है, तेरे काम नहीं आने के।"
डाकू बोला: "अगर आपकी बात सही है, तो आपको ससम्मान जंगल से बाहर निकालने की जिम्मेदारी मेरी है। लेकिन— अगर आपकी बात गलत है... तो सर कटेगा आपका!"
बोलता है: "यहीं रुको!" दो-चार लोगों से वहीं पकड़वा के बोले: "यहीं रुके रहो! मैं घर जा रहा हूँ... पता करके आता हूँ, इन्होंने जो बोला सही है कि नहीं।"
घर जाता है। पत्नी को पकड़ता है। बोलता है: "बता! ये जो मैं पाप कर रहा हूँ, मेरे साथ नर्क जाएगी?"
पत्नी में भी ना जाने कहाँ से ईमानदारी आ गई उस क्षण। बोलती है: "नर्क छोड़ दो... इन सब पापों के लिए तुम जेल जाओगे, मैं तो भी नहीं साथ जाऊंगी!"
एक बार को... झटका लगता है। निराशा होती है। अफसोस होता है। जिंदगी की नींव हिल जाती है— बिल्कुल!
अब जिंदगी बदलनी पड़ेगी ना? क्योंकि... अब निराशा आ गई। वो निराशा— हम आने नहीं देते। डाकू वाल्मीकि को... जिंदगी बदलनी पड़ी थी।
Bengali Translation
কোনো এক ঋষি... যাচ্ছেন জঙ্গল দিয়ে। তাকে লুটতে গেল—
তো ঋষি বললেন: "লুটবি? লুট! কিন্তু... যাদের জন্য এই সব করছিস, তারা তোর কোনো কাজে আসবে না।"
ডাকাত বলল: "আপনার কথা যদি ঠিক হয়... তো আপনাকে নিরাপদে জঙ্গল পার করে দেবার দায়িত্ব আমার। কিন্তু— যদি আপনার কথা ভুল হয়... তো আপনার মাথা কাটব!"
বলে: "এইখানে দাঁড়াও!" দু-চার জনকে দিয়ে ওইখানেই আটকে বলে— "এইখানেই থাকো! আমি বাড়ি যাচ্ছি... খুঁজে দেখি, ইনি যা বললেন কথাটা সত্য না কি মিথ্যে।"
বাড়ি যায়। বউ-কে ধরে। বলে: "বল! এই যে আমি পাপ করছি... আমার সঙ্গে নৌরকে যাবি?"
বউয়ের ভেতর ও কথা থেকে সদ্বিবেক জেগে উঠল সেই মুহূর্তে! বলল: "নৌরক ছাড়ো... এই সব পাপের জন্য তুমি জেলে যাবে, আমি তবুও সঙ্গে যাব না!"
হঠাৎ... যেন ছোঁক লাগে। হতাশা আসে। হা-হুতাশ হয়। জীবনের ভিত্তি হিলে যায়— একদম!
এবার জীবন পাল্টাতে হবে না? কেনোকি... এবার হতাশা এসে গেছে। ওই হতাশাটাকে আমরা আসতে দিই না; ডাকাত বাল্মীকিকে প্রায়শ্চিত্ত করতে হলো... জীবন পাল্টাতে হলো।
Devanagri Transliteration
कोन एक ऋषि... जाच्छेन जोंगल दिये। ताके लूटते गे-लो—
तो ऋषि बोल्लेन: "लूटबि? लूट! कित्तु... जादेर जोन्न् एई शोब कोर्छिस, तारा तोर कोनो काजे आश्बे ना।"
डाकात बोल्लो: "आप्नार कथा जोदि ठिक होय... तो आपनाके निरापदे जोंगल पार कोरे देबार दायित्तो आमार। कित्तु— जोदि आपनार कथा भूल होय... तो आपनार माथा काटबो!"
बोले: "एइखाने दाँड़ाओ!" दू-चार जोन्के दिये ओइखानेइ आटके बोले— "एइखानेइ थोको! आमि बाड़ी जाच्छि... खुँजे देखि, इनी जा बोल्लेन कथाटा शत्तो ना कि मिथ्ये।"
बाड़ी जाय। बौ-के धरे। बोले: "बल! एइ जे आमि पाप कोर्छि... आमार शोंगे नौरके जाबि?"
बौ-येर भेतोर ओ कोथा थेके शद्विबेक जेगे उठलो शेइ मुहूर्त्ते! बोललो: "नौरक छाड़ो... एइ शोब पापेर जोन्न् तुमि जेले जाबे, आमि तोबुओ शोंगे जाबो ना!"
हठात्... येनो छोंक लागे। हताशा आशे। हा-हुताश होय। जीबोनेर भित्ति हिले जाय— एक्दोम!
एबार जीबोन पाल्टाते होबे ना? क्यानोकि... एबार निराशा एशे गेछे। ओइ निराशा-टाके आमरा आश्ते दिइ ना; डाकात बाल्मीकि-के प्राश्चित्तो कोर्ते होलो... जीबोन पाल्टाते होलो।
Bengali Pictorial Storyboard
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